वृंदावन में भक्ति का अनूठा संगम: पार्श्वगायक कैलाश खेर ने किए बांकेबिहारी के दर्शन, संत प्रेमानंद के समक्ष गाए भजन
A Unique Confluence of Devotion in Vrindavan
वृंदावन। A Unique Confluence of Devotion in Vrindavan, पार्श्वगायक कैलाश खेर अपनी धार्मिक यात्रा पर वृंदावन पहुंचे। उन्होंने ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन कर संत प्रेमानंद का आशीर्वाद लिया। कैलाश खेर ने संत प्रेमानंद के सामने भगवान भोलेनाथ का गीत प्रस्तुत किया।
खास तौर पर मीराबाई के जीवन पर आधारित गीत की प्रस्तुति दी। कैलाश खेर के गीत से प्रसन्न संत प्रेमानंद ने उन्हें नामजप का संदेश भी दिया।
भोलेनाथ का गीत प्रस्तुत किया, मीराबाई के जीवन पर आधारित गीत की प्रस्तुति दी
परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीराधा केलिकुंज में शुक्रवार की सुबह सात बजे पार्श्वगायक कैलाश खेर संत प्रेमानंद के दर्शन के लिए पहुंचे। कैलाश खेर ने संत प्रेमानंद को दंडवत किया तो संत प्रेमानंद के अनुयायियों ने उन्हें श्रीराधाजी की चुनरी व प्रसाद भेंट किया।
संत ने दिया गायक को नामजप का संदेश
कैलाश खेर ने अपने चिर परिचित भजन हाथ जोड़कर बोली गवरजा, तीनों लोक बसाए बस्ती में... सुनाते हुए नृत्य करना शुरू कर दिया। तो संत प्रेमानंद अपनी हंसी रोक नहीं सके। कैलाश खेर ने इसके बाद संत मीराबाई के जीवन पर आधारित भजन पांच बरस की मीरा लाड़ली हो... सखियों में खेलन जाए री सुन राणा बाई खेलैं तो पाय मीरा कांगड़ां, हाे जी.., काले काले नाग पिटारे राणा मूंदता, ओ दिए मीराजी के हाथ... सुनाकर मुग्ध कर दिया।